परिचय

हमारे बारे में

विरासत, संघर्ष और जनसेवा की यात्रा — आनंद राय की कहानी उनके ही शब्दों में।

मुख्य पृष्ठ / हमारे बारे में
आनंद राय
"मुहम्मदाबाद का विकास ही मेरा लक्ष्य, जनता का विश्वास ही मेरी ताकत।"

बचपन और स्वर्गीय कृष्णानंद राय जी से मिली प्रेरणा

मुहम्मदाबाद की मिट्टी में जन्मे और पले-बढ़े आनंद राय ने बचपन से ही जनसेवा को अपने परिवार की परंपरा के रूप में देखा। उनके व्यक्तित्व और विचारों की सबसे बड़ी प्रेरणा स्वर्गीय कृष्णानंद राय जी रहे हैं, जिन्होंने राजनीति को सत्ता नहीं बल्कि समाज की सेवा का माध्यम बनाया।

कृष्णानंद राय जी का घर हमेशा आम जनता के लिए खुला रहता था। गांव, किसान, युवा, गरीब और जरूरतमंद लोगों की समस्याएं सुनना और उनके समाधान के लिए संघर्ष करना उनकी पहचान थी। आनंद राय ने बचपन से ही देखा कि कैसे एक जनप्रतिनिधि जनता का भरोसा बनता है, उनके अधिकारों की लड़ाई लड़ता है और विकास को अपना धर्म मानता है।

आज आनंद राय उसी विरासत को आगे बढ़ाने का संकल्प लेकर जनता के बीच हैं। उनके लिए राजनीति कोई पेशा नहीं, बल्कि अपने क्षेत्र और समाज के प्रति जिम्मेदारी है।

राजनीति का मूल मंत्र

भारतीय जनता पार्टी के पितृ पुरुष पं. दीनदयाल उपाध्याय के अंत्योदय के विजन को आत्मसात कर, आनंद राय आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी के विजन को मुहम्मदाबाद में धरातल पर उतारने का बीड़ा उठाए हुए हैं।

यात्रा

संघर्ष से सेवा तक: राजनीतिक यात्रा

शुरुआत

जनता के बीच से शुरुआत

आनंद राय की यात्रा किसी राजनीतिक पद से नहीं, बल्कि जनता के बीच से शुरू हुई — बिना किसी पद और प्रचार की इच्छा के क्षेत्र की समस्याओं को समझते हुए।

संघर्ष

जनता की आवाज़, प्रशासन तक

वर्षों तक उन्होंने लोगों की आवाज़ को प्रशासन तक पहुंचाया और सामाजिक कार्यों में सक्रिय भूमिका निभाई।

पहचान

क्षेत्र का साथी और प्रतिनिधि

हमेशा जनता के बीच रहकर काम करने की राजनीति को प्राथमिकता दी, जिस वजह से आज क्षेत्र का युवा, किसान, व्यापारी, महिला और आम नागरिक उन्हें अपना साथी मानता है।

आज

विजन को धरातल पर उतारने का संकल्प

पं. दीनदयाल उपाध्याय के अंत्योदय विजन को आत्मसात कर, आनंद राय आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी के विजन को मुहम्मदाबाद में धरातल पर उतारने में जुटे हैं।